बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए Bihar Samagra Gavya Vikas Yojana 2025 शुरू की है। इस योजना के तहत देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना और समग्र भैंस पालन योजना शामिल हैं, जो किसानों, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को डेयरी फार्मिंग शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं।
इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 जून 2025 से 25 जुलाई 2025 तक स्वीकार किए जाएंगे। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का एक शानदार अवसर है। आइए, इस लेख में हम Samagra Gavya Vikas Yojana के बारे में विस्तार से जानते हैं, जिसमें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, लाभ और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है।
Bihar Samagra Gavya Vikas Yojana 2025 क्या है?
बिहार समग्र गव्य विकास योजना बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देना और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के अंतर्गत देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना और समग्र भैंस पालन योजना शामिल हैं, जो विशेष रूप से देसी गायों (जैसे साहिवाल, थारपारकर, गिर) और भैंस पालन को बढ़ावा देती हैं।
यह योजना ग्रामीण युवाओं, किसानों और महिलाओं को डेयरी फार्मिंग के जरिए आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस योजना के तहत सरकार डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए 8 लाख तक की सब्सिडी प्रदान करती है।
Samagra Gavya Vikas Scheme विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के लिए अधिक सब्सिडी प्रदान करती है, जबकि सामान्य वर्ग के लिए भी आकर्षक अनुदान उपलब्ध है। यह योजना बिहार में डेयरी उद्योग को मजबूत करने और बेरोजगारी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Bihar Samagra Gavya Vikas Yojana के लाभ और विशेषताएं
Bihar Samagra Gavya Vikas Scheme कई लाभ और विशेषताएं प्रदान करती है, जो इसे बिहार के लोगों के लिए एक आकर्षक अवसर बनाती है। इनमें शामिल हैं:
- आर्थिक सहायता: सरकार डेयरी यूनिट शुरू करने के लिए 50% से 75% तक की सब्सिडी देती है। SC/ST/EBC वर्ग के लिए 2-4 पशुओं की यूनिट पर 75% और सामान्य वर्ग के लिए 50% सब्सिडी मिलती है। 15-20 पशुओं की यूनिट के लिए सभी वर्गों को 40% सब्सिडी दी जाती है।
- स्वरोजगार के अवसर: यह योजना बेरोजगार युवाओं और किसानों को डेयरी फार्मिंग के जरिए स्वरोजगार शुरू करने का मौका देती है।
- दूध उत्पादन में वृद्धि: योजना से बिहार में दूध, दही, घी और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों का उत्पादन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय मांग पूरी होगी।
- महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को इस योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाती है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
- प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता: लाभार्थियों को पशुपालन और डेयरी फार्मिंग के लिए मुफ्त प्रशिक्षण और उपकरण प्रदान किए जाते हैं।
- कम ब्याज पर लोन: सब्सिडी के साथ-साथ कम ब्याज दर पर बैंक लोन की सुविधा भी उपलब्ध है।
ये लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं और Samagra Gavya Vikas Yojana को एक क्रांतिकारी योजना बनाते हैं।
बिहार समग्र गव्य विकास योजना की पात्रता
Bihar Samagra Gavya Vikas Yojana Eligibility के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- निवास: आवेदक को बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आयु: आवेदक block की उम्र 18 वर्ष से अधिक और 55 वर्ष तक होनी चाहिए (कुछ बैंकों के आधार पर आयु सीमा में बदलाव हो सकता है)।
- पशुपालन ज्ञान: आवेदक को पशुपालन का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए। बिहार गव्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र होने पर प्राथमिकता मिल सकती है।
- जमीन की उपलब्धता: डेयरी यूनिट के लिए अपनी या लीज पर ली गई जमीन होनी चाहिए।
- कोई सरकारी नौकरी नहीं: आवेदक या उनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
- आयकर दाता नहीं: आवेदक का परिवार आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
- बैंक खाता: आधार से लिंक किया हुआ सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए।
- दुधारू पशु: कम से कम 2 दुधारू पशु (गाय या भैंस) होना चाहिए।
इन शर्तों को पूरा करने वाले लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं। यदि आप डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर है।
सब्सिडी राशि का विवरण
Samagra Gavya Vikas Scheme के तहत सब्सिडी राशि डेयरी यूनिट के आकार और आवेदक की श्रेणी पर निर्भर करती है। नीचे इसका विवरण है:
- 2 गायों की यूनिट:
- कुल लागत: लगभग 2,12,000 (गाय खरीद और बीमा सहित) + 30,000 (शेड निर्माण)
- SC/ST/EBC वर्ग: 75% सब्सिडी (1,59,000 तक)
- सामान्य वर्ग: 50% सब्सिडी (1,06,000 तक)
- 4 गायों की यूनिट:
- कुल लागत: लगभग 4,24,000 (गाय खरीद और बीमा सहित) + 96,400 (शेड निर्माण)
- SC/ST/EBC वर्ग: 75% सब्सिडी (3,18,000 तक)
- सामान्य वर्ग: 50% सब्सिडी (2,12,000 तक)
- 15-20 गायों की यूनिट:
- कुल लागत: 8 लाख तक
- सभी वर्ग: 40% सब्सिडी (3,20,000 तक)
देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना के तहत साहिवाल, थारपारकर, और गिर जैसी देसी गायों के पालन पर विशेष जोर दिया जाता है, और समग्र भैंस पालन योजना भैंस पालने वालों के लिए समान अनुदान प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त, पशु शेड निर्माण और पशुओं के बीमा के लिए अलग से अनुदान उपलब्ध है।
Bihar Samagra Gavya Vikas Yojana ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया
Bihar Samagra Gavya Vikas Yojana Online Registration की प्रक्रिया 25 जून 2025 से शुरू होगी और 25 जुलाई 2025 तक चलेगी। आवेदन बिहार पशुधन विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट dairy.bihar.gov.in पर किया जा सकता है। नीचे आवेदन के चरण दिए गए हैं:
- वेबसाइट पर जाएं: dairy.bihar.gov.in पर जाएं।
- योजना चुनें: होमपेज पर Bihar Samagra Gavya Vikas Yojana 2025, देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना, या समग्र भैंस पालन योजना का लिंक चुनें।
- पंजीकरण करें: “आवेदन के लिए login करे” पर क्लिक करके नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पता जैसी जानकारी दर्ज करें।
- लॉगिन करें: पंजीकरण के बाद प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- आवेदन पत्र भरें: डेयरी यूनिट का आकार (2, 4, 15, या 20 पशु), जमीन का विवरण, और श्रेणी (SC/ST/EBC/सामान्य) भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें: आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), बैंक पासबुक, जमीन की रसीद, और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें।
- आवेदन सबमिट करें: जानकारी की जांच के बाद आवेदन सबमिट करें।
- प्रिंट कॉपी रखें: आवेदन की प्रिंट कॉपी अपने पास रखें।
- स्थिति जांचें: पोर्टल पर समय-समय पर आवेदन की स्थिति देखें।
महत्वपूर्ण नोट: आवेदन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर स्वीकार किए जाएंगे। समय पर आवेदन करने के लिए 25 जून 2025 से शुरू होने वाली तारीख का ध्यान रखें। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी पशुधन विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
Bihar Samagra Gavya Vikas Yojana के लिए आवश्यक दस्तावेज
Bihar Samagra Gavya Vikas Yojana के लिए निम्नलिखित दस्तावेज जरूरी हैं:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/EBC के लिए)
- बैंक पासबुक की प्रति (आधार से लिंक)
- जमीन की रसीद या लीज एग्रीमेंट
- पासपोर्ट साइज फोटो
- पशुपालन प्रशिक्षण प्रमाणपत्र (वैकल्पिक)
- परियोजना लागत का विवरण
- बैंक से डिफॉल्टर न होने का शपथ पत्र
सभी दस्तावेज स्कैन करके ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। सुनिश्चित करें कि दस्तावेज स्पष्ट और सही हों।
देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना और समग्र भैंस पालन योजना
देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना विशेष रूप से साहिवाल, थारपारकर, और गिर जैसी देसी गायों के पालन को बढ़ावा देती है। इन नस्लों के दूध में पोषक तत्व अधिक होते हैं, जिससे दूध की गुणवत्ता और मांग बढ़ती है। इस योजना के तहत देसी गायों की डेयरी यूनिट के लिए समान सब्सिडी (75% SC/ST/EBC के लिए और 50% सामान्य वर्ग के लिए) दी जाती है।
समग्र भैंस पालन योजना भैंस पालने वालों के लिए है, जो बिहार में दूध उत्पादन का एक बड़ा स्रोत हैं। भैंस की डेयरी यूनिट के लिए भी वही सब्सिडी और शर्तें लागू होती हैं जो गायों के लिए हैं। दोनों योजनाएं Samagra Gavya Vikas Scheme का हिस्सा हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन को बढ़ाने में मदद करती हैं।
योजना से संबंधित अन्य जानकारी
Samagra Gavya Vikas Yojana 2025 के तहत सरकार ने 48.48 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जिससे पूरे बिहार में 3583 डेयरी यूनिट स्थापित की जाएंगी। यह योजना साल में दो बार लागू होती है, और 2025-26 के लिए पहला चरण 25 जून 2025 से शुरू हो रहा है। लाभार्थियों को पशु चिकित्सा, डेयरी उपकरण, और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।
अन्य रोजगार योजनाओं की जानकारी के लिए, आप Bihar Rojgar Mela Registration में पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा, ग्रामीण परिवहन व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोग Mukhyamantri Gram Parivahan Yojana देख सकते हैं।
योजना से कैसे लाभ उठाएं?
Bihar Samagra Gavya Vikas Scheme 2025 का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले अपनी पात्रता जांचें और दस्तावेज तैयार करें। 25 जून 2025 से शुरू होने वाली आवेदन प्रक्रिया में समय पर आवेदन करें। अगर आपको डेयरी फार्मिंग का अनुभव नहीं है, तो बिहार गव्य प्रशिक्षण 2025 में भाग लें, जो पशुपालन की तकनीकी जानकारी प्रदान करता है। यह प्रशिक्षण आपको व्यवसाय को सफल बनाने में मदद करेगा।
इस योजना से आप अपनी आय बढ़ा सकते हैं और स्थानीय स्तर पर दूध और डेयरी उत्पादों की आपूर्ति करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं। डेयरी फार्मिंग कम निवेश में अच्छा मुनाफा दे सकता है, खासकर जब सरकार इतनी बड़ी सब्सिडी दे रही हो।
निष्कर्ष
बिहार समग्र गव्य विकास योजना 2025, जिसमें देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना और समग्र भैंस पालन योजना शामिल हैं, ग्रामीण बिहार के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता के जरिए लोगों को आत्मनिर्भर बनाती है। अगर आप बिहार में रहते हैं और डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते हैं, तो 25 जून 2025 से शुरू होने वाले आवेदन प्रक्रिया का लाभ उठाएं।
हमारी वेबसाइट रोजगार योजनाएं पर ऐसी ही अन्य योजनाओं की जानकारी उपलब्ध है। इस लेख के बारे में आपका क्या विचार है? क्या यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही? अपने सुझाव और फीडबैक कमेंट में जरूर बताएं। साथ ही, इस योजना से आप कैसे लाभ उठाने की योजना बना रहे हैं, हमें बताएं ताकि हम आपकी और मदद कर सकें।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
आवेदन 25 जून 2025 से 25 जुलाई 2025 तक स्वीकार किए जाएंगे। नवीनतम अपडेट के लिए dairy.bihar.gov.in देखें।
हां, देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना देसी गायों और समग्र भैंस पालन योजना भैंसों के लिए समान सब्सिडी प्रदान करती है।
नहीं, लेकिन बिहार गव्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र होने पर आवेदन में प्राथमिकता मिल सकती है।
हां, सरकार कम ब्याज दर पर बैंक लोन की सुविधा प्रदान करती है, जो सब्सिडी के साथ मिलकर डेयरी शुरू करना आसान बनाता है।
नहीं, यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है।
हां, यदि वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं और नई यूनिट स्थापित करना चाहते हैं, तो वे आवेदन कर सकते हैं।
हां, शेड निर्माण के लिए अतिरिक्त अनुदान (जैसे 30,000 2 गायों के लिए, 96,400 4 गायों के लिए) दिया जाता है।
dairy.bihar.gov.in पर लॉगिन करके अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।

मैं एक Digital Marketer और Blogger हूँ, जिसे कहानियों और विचारों को शब्दों में पिरोना बेहद पसंद है। डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में मेरी विशेषज्ञता के साथ, मैं अपने ब्लॉग के माध्यम से उपयोगी और प्रेरणादायक लेख साझा करता हूँ। वर्तमान में, मैं एक डिजिटल मार्केटर के रूप में कार्यरत हूँ, जहाँ मैं नवीनतम रुझानों और रणनीतियों को लागू करता हूँ। मेरे लेखन का उद्देश्य पाठकों को नई जानकारी प्रदान करना और उन्हें अपने लक्ष्यों की ओर प्रेरित करना है।